27 April 2012

कुछ यादें....


कुछ यादें हमारे साथ हैं
कुछ बातें हमारे साथ हैं
जीवन के इस जलमार्ग पर
कुछ पुष्प हमारे साथ हैं |
इनकी मोहक खुशबू से
हम निशा निमंत्रण करते हैं
मानो, ऊष्मा इस धरती का
हम क्षण भर में दूर करते हैं |
शुरुआत हुई वेला विरह की
जिसकी हमें ना उम्मीद कभी थी
कुछ छूट गए, कुछ टूट गये
अपने ही मुझसे रूठ गये |
भूल गये वो बीती बातें
हर-पल हर-क्षण की सौगातें
था समय एक ऐसा भी,
जब हम खुद से बातें करते थे
मानों चमक मैं अपनों का  
सूरज से पहले पाता था |
था कोई बेगाना सा
जो सचमुच अपना लगता था
एहसास उसके लब्जों का,
मह्सूस मैं हर-पल करता था
सब छूट गये सब रूठ गये
बंधन के धागे टूट गये
रूह के दामन छूट गये |
फिर भी निराश-मन मेरा कहता है
कुछ यादें हमारे साथ हैं
कुछ बातें हमारे साथ हैं
जीवन के इस जलमार्ग पर
कुछ पुष्प हमारे साथ हैं..!!



22 April 2012

मेरी तितली


मेरे जीवन के उपवन में
तू इस उपवन की तितली 
फूलों का तुम रंग चुराती 
भवरों को तुम रास न आती 
मेरे जीवन के उपवन में 
तू इस उपवन की तितली
                     
उमड़-घुमड़ बलखा कर चलती 
जैसे बादल बन कर कहीं बरसती 
मेरे सावन की उम्मीद हो तुम 
मेरे मौसम की गीत हो तुम 
मेरी तन्हाई की मित हो तुम 
मेरे जीवन के उपवन में
तू इस उपवन की तितली 
                                                                                                                    
कल्पना की सागर हो तुम
मेरी धरती की संबल हो तुम 
शक्ति की परिभाषा हो तुम 
हमारी उत्तम आशा हो तुम
तू शीतल काया वाली 
विनम्रता,सरलता ,सरसता तेरी 
हर मन को भाति हो तुम 
कभी छन-छन तो कभी खन-खन
बहती झरनों की कल-कल हो तुम
कोयल की कोकिल हो तुम 
सघन अरण्य की मृगनैनी हो तुम
मेरे जीवन की झंकार हो तुम 
जैसे गांडीव की टंकार हो तुम
मेरे जीवन के उपवन में
तू इस उपवन की तितली ..!!