कुछ यादें हमारे साथ हैं
कुछ बातें हमारे साथ हैं
जीवन के इस जलमार्ग पर
कुछ पुष्प हमारे साथ हैं |
इनकी मोहक खुशबू से
हम निशा निमंत्रण करते हैं
मानो, ऊष्मा इस धरती का
हम क्षण भर में दूर करते हैं |
शुरुआत हुई वेला विरह की
जिसकी हमें ना उम्मीद कभी थी
कुछ छूट गए, कुछ टूट गये
अपने ही मुझसे रूठ गये |
भूल गये वो बीती बातें
हर-पल हर-क्षण की सौगातें
था समय एक ऐसा भी,
जब हम खुद से बातें करते थे
मानों चमक मैं अपनों का
सूरज से पहले पाता था |
था कोई बेगाना सा
जो सचमुच अपना लगता था
एहसास उसके लब्जों का,
मह्सूस मैं हर-पल करता था
सब छूट गये सब रूठ गये
बंधन के धागे टूट गये
फिर भी निराश-मन मेरा कहता है
कुछ यादें हमारे साथ हैं
कुछ बातें हमारे साथ हैं
जीवन के इस जलमार्ग पर
कुछ पुष्प हमारे साथ हैं..!!

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